Sawan Ka Pehla Somwar: सावन का पहला सोमवार, जाणिये पुरी विधी

sawan ka pehla somwar
sawan ka pehla somwar

Sawan Ka Pehla Somwar: सावन का पहला सोमवार, जाणिये पुरी विधी

दोस्तो सावन सोमवार व्रत मे क्या खाये? क्या नही खाये? सावन मे लहसुन प्याज खाये या नही? व्रत मे नमक खाये या नही? कोनसी गलती नही करनी चाहीये? पती पत्नी को दुरी क्यू बनाना चाहिये? और कौन से रंग के कपडे नही पहनाने चाहिये? कोनसी गलतीया है जिसे सावन के दोरान हमने भूलकर भी नही करना चाहिए? साथी सावन के ईस पवित्र महिने मे कितने सोमवार पडेंगे। और सावन की समाप्ती कब है? आइए जानते है सब कुछ इस पोस्ट मे।

दोस्तो सावन का महीना कोई मामुली महिना नही होता है। यह महिना साक्षात एक ऐसे प्रेम की सौगात लेके आता है। जो भी भक्तो को बडे बेसबरीसे इंतजार रहता है। सावन का महीना ईतना पवित्र होता है जिस्का आप अंदाजा भी नही लगा सकते। यह त्योहार भारत में तो मानया ही जात है। लेकिन क्या जानते है विदेश मे भी सावन का पवित्र महिना बडी जोरो शोरो के साथ और खुशी के साथ मनाया जाता है। वैज्ञानिक मानते है पक्रुती आपस मे बाते करती है और बातो हि बातो मे सुगम हो जाता है।

नये बिज उगते है और हरीयाली हि हरीयाली हो जाती है। वर्षा आदी होती है और हरियाली साक्षात महाव्दिप का स्वागत करती है। और महाव्दिप से बाते करती है। आप को बता दे शास्त्र मे सावन सोमवार का व्रत जोभी महिला या पुरुष करते है। वह व्यक्ती भगवान भोलेनाथ का सर्वाधिक प्रिया हो जाता है ऊस व्यक्ति को भगवान भोले बाबा अपनी शरण मे ले लेते है। दोस्तो सावन मे कामन यात्रा का क्या कहना शास्त्र के अनुसार माना जाता है।

सबसे पहले कावड यात्रा भगवान परशुराम ने भगवान शिव अपने कांधेपर ऊठाकर कि थी। और सभी से भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कावड यात्रा की जाती है। दोस्तो लेकिन क्या आप जानते है सावन के दस ऐसे नियम है जो आपको जानना बहुत जरुरी है। अगर आप अपने जीवन ईन नियमो का पालन नही करते है तो आपको भगवान शिव के क्रोध का सामना करना पडता है। आपका पूरा परिवार गरिबी निर्धंता और बरबादी का कर सकता है। दोस्तो आज की पोस्ट बहुत हि सुंदर है। पोस्ट को अंत तख पढिए क्योकि अधूरा ज्ञान हमेशा घातक होता है।

सावन सोमवार के व्रत में क्या खाना चाहिए क्या नही खाना चाहिये? अगर आपने सावन सोमवार का व्रत रखा है तो आप जिस दिन सात्विक भोजन ही करिये। निर्जला व्रत नही होता इसलिये सेंधा नमक से बनी चीजे खा सकते है। अगर अपने फल खाने पर संकल्प लिया है तो नमक भूलकर भी नही खाना चाहिए। और बापर का कुछ मत खाना बाहर का गन्ने का जूस मत पीना उस्मे नमक पडा होता है। अगर वह नमक आपके मुह तक जायेगा तो आपको व्रत खंडित हो जायेगा। दोस्तो सावन मे कही बार शुक्रवार का दिन पर आता है। तो नमक भूलकर भी मत खाना। क्यू की माता संतोषी इस दोरान जागृतावस्था मे हो जाती है। पाणीपुरी चटणी जाने अंजाने मे भी मत खाना क्यू कि ईस्से माता संतोषी क्रोधित हो जायेंगी।

एक बार माता संतोषी रुष्ट हो गयी तो आपको जिंदगीभर कष्ट भोगणा पडेगा। माता राणी बोली है सावन के महीने में जो भी शुक्रवार के चटकदार खाता है उसे परेशानी और माता के क्रोध का सामना करना पडता है। आप सेंधा नमक फलो पण लगाकर खा सकते है सावन के व्रत मे चाय पी सकते है। लेकिन चाय मे नमक नही डालना चाहिए। ईस्से हड्डिया गल जाती है सावन के व्रत मे कोफी नही पिनी चाहिये ईससे भगवान शिव क्रोधित हो जाते है। सावन में हल्दी मिलाकर दूध पीने से भयंकर श्रॉफ लगता है। सावन मे बच्चो को दूध पिलाना चाहिये पर घर मे बडो को दूध नही पिना चाहिये।

आपने उपवास मे कुच मिठा रखा हे तो आप खिर पराठा, दहि पराठा भी खा सकते है. आप चाहे तो नमक से बने आलू के पकवान खा सकते है। आलू की सब्जी आटे के रोटी के साथ खा सकते है। लेकिन आटा ध्यान से देखले पुराने आते मे किडे पड जाते है जिसे आप का उपवास खंडित हो सकता है। ईसके अलावा घरके अन्य सदस्योको मास मस्छी का शेवन नही करना चाहिए। इसके अलावा अन्य किसी भी वही व्रत रखने वाले व्यक्ति को धनिया पावडर मिर्च पावडर साधा नमक का सेवन भूलकर भी नही करना चाहिये। आपका बेटा हो या ना हो किसी भी व्यक्ति को कडी पकोडा नही खाना चाहिये। और वही पत्ते सब्जिया पालक मेथी लाल भाजी बटवा पत्ता गोबी जैसी सब्जिया भूलकर भी नही खाना चाहिये।

ये जहर के समान मानी जाती है। जो भी व्यक्ति सावन मे बैंगन की सब्जी खाता है उस व्यक्ति को घोर पाप लग जाता है। सावन मे घर के सभी लोगो को सुबह जल्दी उठना चाहिये.जितना जल्दी हो सके पहिला शाहीस्नान अवश्य करे। किसी भी गरीब का अपमान ना करे। क्या पता उस गरीब के रूप मे भगवान शिव सावन मे अपने भक्तो की परीक्षा लेने आते है।

सावन मे देरतक सोने वाली महिला का पती बर्बाद हो जाता है। और उसकी मृत्यू निकट भविष्य मे जल्दी हो जाती है। इसलिये पती के उठणे से पहले सावन मे हर स्त्री को जल्दी उठ जाना चाहिये। और भगवान शिव की पुजा करणी चाहिये। सोमवार व्रत आपको अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से धनलक्ष्मी का लाभ होता है। सावन मे पती पत्नी को सहवास नही करना चाहिए अगर आपने व्रत रखा है।

यूट्यूब चॅनल  Aadar Marathicha

तुमचं आयुष्य खराब करू शकत्या या 30 सवयी: आजच सोडा नाहीतर… Marathi Motivational 30 Line

2 thoughts on “Sawan Ka Pehla Somwar: सावन का पहला सोमवार, जाणिये पुरी विधी”

Leave a Comment