Chandrayaan 3 : चांद्रयान 3 की पुरी कहाणी

Chandrayaan 3
Chandrayaan 3

Chandrayaan 3 : चांद्रयान 3 की पुरी कहाणी

Chandrayaan 3 की सफलता भारत की शान में 4 चांद लगा रही है। सारा देश हमारा इसकी सफलता के लिए दुआ कर रहा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भले ही पेरिस में हो लेकिन उनका ध्यान Chandrayaan 3 पर बिल्कुल पूरी तरह से था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को इस सफलता के लिए बधाई दी है। और उन्होंने वहां से तुरंत ट्वीट करते हुए ये बधाई दी।

चांद की ओर उड़ रहा है अपना चन्द्रयान। इसरो का बाहुबली रॉकेट Chandrayaan 3 को लेकर रवाना। चाँद पर परचम लहराने के लिए भारत का Chandrayaan 3 निकाल चूका है। यह अंतरिक्ष की दुनिया में भारत की एक और लम्बी छलांग है। दोपहर 2 बजकर 35 मिनट (14 जुलाई 2023) पर आंध्र प्रदेश में श्री हरि कोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से इसरो के बाहुबली रॉकेट LBM थ्री M4 से इस स्पेस में भेजा गया। 16 मिनट बाद चंद्रयान को रॉकेट हरबिट में प्लेस किया। इस दौरान इसरो चेयरमैन, एस सोमनाथ के साथ सभी बड़े वैज्ञानिक मिशन कंट्रोल में था। और वहाँ का माहौल कुछ ऐसा था की भावनाएं कंट्रोल करना मुश्किल था।

चन्द्रयान 2 की लांचिंग के 3 साल 11 महीने और 23 दिन बाद भारत ने Chandrayaan 3 मिशन लांच किया। पिछली नाकामी को देखते हुए हिंदुस्तान के 140 करोड़ लोग सांस रोक कर चंद्रयान 3 की लांचिंग देख रहे थे। और जैसे ही वो कामयाबी के साथ चांद की ओर रवाना हुआ तो देश विदेश में रहने वाले हिंदुस्तानी यों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आंध्र प्रदेश के शिहरी कोटा में सतीश धवन स्पेस सेंटर से लांच चंद्रयान 3 कामयाबी भारत को अमेरिका, रूस और चीन की कतार में शामिल कर देगी।

Chandrayaan 3 इसरो के चार साल पहले के अधूरे चंद्रयान 2 मिशन को पूरा करने की कोशिश है। जो लोग 7 सितम्बर, 2019 की उस तारीख के गवा थे। उनकी आँखों के आगे ये तस्वीर तैर रही होगी। लॉन्चिंग के करीब 1 घंटे तक सब कुछ सही चल रहा था। लेकिन तभी वो हुआ जिसका डर था। तब मंजिल के करीब लैंडर विक्रम क्रैश हो गया था। इसरो वैज्ञानिकों के चेहरे मुरझा गए। तत्कालीन इसरो चीफ के सिवन रो पड़े। और पीएम मोदी ने उन्हें गले लगा कर डांड बंधाया था।

पिछली नाकामी से सीख लेकर। इसरो के वैज्ञानिक अपने चंद्र मिशन में काफी कुछ बदलाव कर चुके हैं। मिशन की कामयाबी के लिए इसरो चीफ श्री हरि कोटा से 22 किलोमीटर पश्चिम में तिरुपति जिले के एक मंदिर भी गए। पूजा अर्चना की और मिशन की कामयाबी के लिए आशीर्वाद मांगा।

Chandrayaan 3 अपनी यात्रा शुरू कर चुका है। और वो 23 अगस्त को चन्द्रमा पर उतरेगा। इस मिशन का सबसे पहला मकसद दुनिया को ये बताना है की भारत दुसरे ग्रह पर सॉफ्ट लैंडिंग करवा सकता है। और वहाँ अपना रोवर चला सकता है। इसका दूसरा मकसद चांद की सतह, वायुमंडल और जमीन के भीतर होने वाली हलचलों का पता करना है।

पूरा देश अब चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग के लिए प्रार्थना कर रहा है। हर हिंदुस्तानी को उम्मीद है कि इसरो वैज्ञानिकों की मेहनत और करोड़ो देश वासियों की दुवा दोनो साथ है। Chandrayaan 3 अपने मकसद में जरूर कामयाब होगा।

आदर मराठीचा यूट्यूब चॅनल

Sawan Ka Pehla Somwar: सावन का पहला सोमवार

Leave a Comment